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दोस्त की पत्नी

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In Progress | Part 3 of 6 | 0 Likes

Part 3

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शादी का दिन जैसे-जैसे करीब आने लगा, घर में रिश्तेदारों का आना शुरू हो गया। दूर-दूर से चाचा-चाची, मामा-मामी, बुआ और दूसरे रिश्तेदार घर पहुँचने लगे। पूरा घर मेहमानों की चहल-पहल और हँसी-मज़ाक से भर गया।
सुमित्रा सभी रिश्तेदारों का खुशी-खुशी स्वागत कर रही थीं, जबकि सोनिया हर किसी से अपनी भाभी विद्या का परिचय करवाती फिर रही थी। विद्या भी सबके पैर छूकर आशीर्वाद लेती और मुस्कुराकर उनका स्वागत करती।
राज यह सब देखकर थोड़ा परेशान था। अब घर में इतने सारे लोग थे कि विद्या का राज़ छिपाना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो गया था।
अगले दिन घर में मेहंदी की रस्म शुरू हुई। आँगन को फूलों और रंग-बिरंगी सजावट से सजा दिया गया। रिश्तेदारों और पड़ोस की महिलाओं ने मिलकर शादी के गीत गाने शुरू कर दिए।
सोनिया अपनी भाभी विद्या को मेहंदी लगाने के लिए पास बैठा लाई। मेहंदी लगाने वाली महिला ने विद्या के हाथों पर सुंदर डिज़ाइन बनाना शुरू किया। आसपास बैठी महिलाएँ हँसी-मज़ाक करती रहीं और विद्या को छेड़ती रहीं।
सुमित्रा ने मुस्कुराकर कहा, “बेटी, आज तो तुम्हारे हाथों की मेहंदी बहुत सुंदर लग रही है।”
विद्या ने मुस्कुराते हुए सबका धन्यवाद किया। राज दूर खड़ा यह सब देख रहा था। उसे लग रहा था कि शादी की रस्में जितनी आगे बढ़ रही थीं, उसकी और विद्या की मुश्किलें भी उतनी ही बढ़ती जा रही थीं।
हल्दी की रस्म
अगली सुबह घर में हल्दी की रस्म की तैयारियाँ शुरू हो गईं। आँगन में रंगोली बनाई गई और चारों तरफ गेंदे के फूलों से सजावट की गई। घर की महिलाएँ ढोलक की थाप पर शादी के गीत गाने लगीं।
सोनिया सबसे पहले हल्दी की कटोरी लेकर विद्या के पास पहुँची और हँसते हुए बोली, “भाभी, आज तो आपको हम बिल्कुल पीला कर देंगे!”
विद्या मुस्कुराई और चुपचाप बैठ गई। सुमित्रा ने प्यार से उसके चेहरे पर हल्दी लगाई। इसके बाद सोनिया और दूसरी महिलाओं ने भी उसके हाथों, पैरों और गालों पर हल्दी लगाई। पूरा माहौल हँसी-मज़ाक से भर गया।
कुछ देर बाद सोनिया ने राज को भी पकड़ लिया और बोली, “भैया, आप बचकर कहाँ जाएँगे?”
राज हँसते हुए पीछे हटने लगा, लेकिन परिवार की महिलाओं ने उसके चेहरे पर भी हल्दी लगा दी। सभी लोग ठहाके लगाने लगे। राज और विद्या ने एक-दूसरे की ओर देखा और दोनों के चेहरे पर हल्की मुस्कान आ गई।

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