तभी मुझे नीता का दिया हुआ टिप्स याद आया....अपने शरीर को ढीला चोदना...तभी चुदाई का मजा आएगा....मैंने अपने शरीर को ढीला चोदा....अब दर्द हल्का हल्का काम हो रहा था...अब मुझे मजा आ रहा था...अब मैं बराबर चुदाई में उनका साथ दे रही थी....मेरे गांड की भुख अब बढ़ चुकी थी...मैं तड़प रही थी...मैं खराब हो रही थी, "ओह...क्या चोद रही हो तुम....वकाई में मेरी गांड धन्य हो रही है...तुम्हारी चुदाई से....उफ्फ....मेरी गांड को आज चोद-चोद कर कचूमद निकाल दो....बहुत परेशान करती है साली.... आह्ह.... चोदो.... चोदो.... और चोदो.... चोदते ही जाओ।”
"हां रानी.... खूब चोदूंगा तुझे आज...तुम्हारी जिंदगी भर की कसर निकालूंगा आज मुझे....लो संभालो मेरे लंड को...उफ्फ्फ....तुम्हारी गांड....क्या नाज़ुक है....तुम्हारे संतरों का भी जवाब नहीं....उफ्फ क्या चुचिया है तुम्हारी....आज तुझे ऐसा चोदूंगा मैं की जिंदगी भर याद रखोगी।” मैं अपनी गांड उछाल उछाल कर चुद रही थी...हां...मेरे राजा...चोदो मुझे...उफ्फ्फ...और...और...आह...मेरा पानी...हायईईई...मेरा पानी निकलने वाला है...राजा....चोदा...मेरा पानी निकला...हां...निकला...हां...निकल गया।'
40 मिनट तक मेरे मुंह और गांड चुदाई के बाद जैसे ही विजय ने अपने लंड का पानी मेरे मुंह में गिराया मैंने उसे थूकना चाहा पर उसने अपना लंड मेरे गले में एकदम अंदर तक डाल दिया था। मजबूरन मुझे उसकी ज़मीन की पूरी मलाई पीने ही पड़ी। जिस समय मैं विजय का मलाई अपने मुँह में गले के अंदर ले रही थी...उसी समय श्याम ने भी मेरी गांड में अपने लंड का मलाई चोद रहा था...
ये मेरे जीवन की पहली चुदाई थी....मेरी पहली सुहागरात थी....उस रात श्याम-विजय ने 6 बार मेरी और चुदाई की। माई एक ही रात में लड़की से औरत बन गई थी।
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