Family · Hindi

हमशक्ल भाभी

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अमन के भैया की शादी हुई थी भाभी बहुत ही सुंदर थी और बहुत ही सुशील लड़की थी वह पढ़ी-लिखी भी थी पर उनमें घमंड एक पैसे का भी नहीं था। भाभी जिस कॉलेज में पढ़ती थी उसी कॉलेज में सागर भी पढ़ता था। भाभी उससे 2 साल सीनियर थी सागर बी ० ए का थर्ड ईयर कर रहा था और भाभी m.a. कर रही थी। भाभी किस शकल ने मुझे कहा बहुत मिलती थी। ऐसा लगता है कि हम जुड़वा भाई बहन हो। लेकिन वो मेरी भाभी थी। जब भाभी शादी करके घर पर आई तो उन्होंने मुझे यानी सागर को पहचान लिया अब वह मुझे को अपना देवर और साथ में अपना दोस्त भी मानती थी। जिस दिन शादी करके भाभी घर आई। घर में सब लोग नाच गा रहे थे उसी में भाभी जल्दी से सीढ़ियां उतर रही थी तो उनके पैर में मोच आ गई थी पर उन्होंने किसी को बताया नहीं। अगले दिन मैंने घर में मुंह दिखाई का प्रोग्राम रखा था और भाभी को पता था कि मुंह दिखाई में कुछ औरतें दुल्हन से नाचने को भी कहती हैंI
इसलिएभाभी कुछ घबरा रही थी इसलिए उन्होंने मुझ को बुलाकर कहा देखो तुम मेरी हेल्प कर सकते हो अगर तुम चाहो तो ने कहा क्या है भाभी आप तो मेरी दोस्त भी हो और भाभी मां भी हो बताइए अपने इस देवर के लिए क्या कहा गया है। देखो सागर तुम जानते हो कि कल मां जी ने मुंह दिखाई का प्रोग्राम रखा है मैं मुझे खाई मैं तो चली जाऊंगी पर मेरे पैर में मोच है और अगर सभी औरतों ने नाचने के लिए कहा तो मैं नाच नहीं पाऊंगी और मेरी बेजती हो जाएगी।
भाभी ने कहा वह तो ठीक है पर मैं आपकी कैसे और क्या मदद कर सकता हूं कृपया बताइए तब भाभी ने कहा। मुंह दिखाई में मैं बैठ जाऊंगी पर जब वह नाचने को कहेंगे तब मैं किसी बहाने से कमरे के अंदर हां जाऊंगी वहां तुम पहले से ही, बिल्कुल वैसी ही ड्रेस पहन कर तैयार रहना जैसी मैं पहने रहूंगी।फिर मेरे जगह पर तुम सभी औरतों के बीच में चले जाना और नाचना तुमको आता ही है मैं कॉलेज में तुमको औरत के गेट अप में काम करती हूं देख चुकी हूं तो तुम नाच कर के मेरी और अपनी दोनों की इज्जत बचा सकते हो।
बस क्या चीज सागर ने हां कर दी ,अगले दिन जब मुंह दिखाई का प्रोग्राम चल रहा था तो उसके पहले ही भाभी ने सागर को अपने तरह के पूरे कपड़े पहना कर बिल्कुल दुल्हन जैसा मेकअप कर दिया और आर्टिफिशियल ज्वेलरी भी पहना दी पैर में पायल बिछिया मांग टीका नथनी सिंदूर बिंदी लिपस्टिक हेयर विग सब लगाकर उसे पूर्ण औरत बना दिया। शीशे में देख के सागर खुद को नहीं पहचान सका। भाभी क्या ये मैं हूँ?नहीं भाभी ये तो आप हैं। भाभी अरे बुद्दू हम दोनों की शकल इतनी मिलती है कि उस से हर कोई धोखा खा जाए।
अब वहां साड़ी ब्लाउज पहनकर पूरी तरीके से औरत बन कर भाभी के कमरे में बैठा था कहने का मतलब यह था कि उस समय भाभी के कमरे में 2 औरतें थी एक भाभी और दूसरी मैं ।
दोनों ने एक ही तरीके के कपड़े पहन रखे थे मेकअप भी एक जैसा था सेम तरीके की ज्वैलरी पहन रखी थी चेहरे में कोई अंतर नहीं था। अगर कोई बाहर से चेहरा देखें वह भी नहीं पहचान सकता था और घूंघट चढ़ा हुआ हो तो दोनों में कोई अंतर नहीं था। फिर क्या था तय समय पर भाभी मुंह दिखाई के कार्यक्रम में अंदर चली गई।

सागर कमरे में बैठा रह गया और जैसा की भाभी को आशंका थी मुंह दिखाई में भाभी को ढेर सारे गिफ्ट मेरे पर उसके बाद एक औरत ने कहा कि बहू जरा नाच करके दिखाना। भाभी ने कहा ठीक है पर मैं जरा बाथरूम हो कर आती हूं तब भाभी अपने कमरे में चली आई और अटेस्ट बाथरूम में जाने के बहाने कमरे में रुक गई। कमरे से बाहर सागर निकला जो कि भाभी के गठन में था उसने सभी औरतों के बीच में ढेर सारा डांस किया कई गानों पर औरते ढोल बजाती रही और सागर एक औरत की तरह नाचता रहा ।

सागर को उसकी भाभी ने क्रासड्रेस करके एक नचनिया बना दिया। उस दिन सागर के काई फोटो लेई गई। वो फोटो भाभी के घर पर उनके भाई भरत ने देखी और बोला कि दीदी आप कितनी सुंदर दिख रही हो।भाभी खूब हंसी बोली ये मैं नहीं हूं। मेरी नन्द है विद्या।अभी उसकी शादी नहीं हुई है।भरत ने कहा मुझे आप की ननद बहुत पसंद आ गई है। आप बात चलाओ ना मेरी शादी की।

भाभी का एक भाई था जो काफी रोमांटिक था। उनका रंग एकदम गोरा है.वे करीब तीस साल का गठीले बदन वाला मर्द हैं.उन की हाइट करीब 6 फीट की होगी और पहलवान जैसे हट्टे-कट्टे सांड जैसे मर्द लग रहे थे.उनका चौड़ा सीना और भरे हुए चेहरे पर मोटी मोटी मूँछें थीं, जिससे उनका रौबीला व्यक्तित्व अलग ही झलक रहा था. मेरी भाभी की और मेरी लम्बाई 5 फुट 3 इंच है।मेरा शरीर बिल्कुल कोमल और लड़कियों के जैसा है।
भाभी ने मुझे अपने पास बुलाया या फिर बोली सागर तुम्हें किसी की फोटो दिखानी है बताना कैसी है। लेकिन उस से पहले तुम्हें फिर से लड़की बनना होगा। मैने कहा ठीक है भाभी। मै फिर से लड़की बन गया।भाभी ने अपने भाई को वीडियो कॉल किया और मुझे फोन दे दिया। बोली मेरा भाई है. तुम आपस में बात करोअभी आई कुछ काम कर के।

भरत हेलो विद्या कैसी हो, विद्या: अच्छी है। कहिये भरत जी केसे हैं.हमारी याद कैसे आई भरत मुझे आपसे मिलना है क्या मुझसे मिलोगी? जरूर आप कभी भी घर आए आप का स्वागत है।भाभी चाय लेकर आ गईं।क्या बात हुई मैंने कहा आप के भैया हम से मिलने आना चाहते हैं मैंने उन्हें हां कहा दिया है पर क्यु मिलना चाहते हैं। मुझे नहीं पता. कोई बात नहीं आने दो देखती हूँ।भरत अपनी माँ के साथ घर आता है। भाभी सागर को एक औरत के रूप में तैयार कर देती है और भाभी अपनी मां को देख के काफी खुश होती हैं। फिर दोनों हंसी मजाक करते हैं, तभी भारत की मां अमन कहती हैं कि हमें तुम्हारी बहन विद्या बहुत पसंद है अगर तुम चाहो तो हम विद्या को अपने घर की बहू बनाना चाहती हैं। अमन अपनी पत्नी को देखते हैं। अमन : मां जी जैसी आप की मर्जी मुझे कोई एतराज़ नहीं है। विद्या सब के लिए चाहिए बनना के लाती है और भरत की माँ वही विद्या और भरत का रिश्ता पक्का कर देती है। और शादी की तारीख पक्की कर देती है। 2 महाने बाद विद्या और भरत की शादी होती है। और विद्या बन गई अपनी भाभी की हमशक्ल भाभी ।

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